टेक्नोलॉजी

फेक व भ्रामक सूचनाओं पर व्हाट्सअप बताएगा, क्या सही क्या गलत


डेस्क। यदि आप भी अपने मोबाइल पर आने वाले व्हाट्सएप ग्रुप्स में भड़काऊ मैसेज मिलने से परेशान हैं साथ ही आप यह नहीं जानते कि जो मैसेज आपको मिला है वह सही है या फिर फेक है तो इसकी चितां करने की कोई जरूरत नहीं है। मोबाइल नेटवर्किंग व्हाट्सअप ने इस तरह के मैसेजेस की सच्चाई का पता लगाने के लिए मंगलवार को एक नई सर्विस शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार फेक व भ्रामक न्यूज की सत्यता परखने के लिए “चेकपॉइंट टिपलाइन“ शुरू की है। इसके जरिए इस मैसेंजर का इस्तेमाल करने वाले फर्जी खबरों की सच्चाई का पता लगा सकेंगे। बताते चले कि देश में जारी आम लोकसभा चुनाव चल रहे है। जानकारी के अनुसार यह टिपलाइन चुनावों के दौरान अफवाहों का एक डेटाबेस तैयार करेगी ताकि चेकपॉइंट इन गलत सूचनाओं को अध्ययन कर सके। फेसबुक की अधिक्रत मैसेजर एप्स टीम ने बयान जारी कर बताया कि चेकपॉइंट एक रिसर्च प्रोजेक्ट है। इसे तकनीकी सहायता से शुरू किया गया है।
कैसे करेगा यह काम
भारत के व्हाट्सअप यूजर 91-9643-000-888 नंबर कोई भी अफवाह या फर्जी संदेश भेज सकेंगे।
चेकपॉइंट टिपलाइन पर यह मिलने के बाद “प्रोटो“ वेरिफिकेशन सेंटर जांच करेगा।
जांच के बाद यूजर को जवाब देगा कि संदेश की सच्चाई की पुष्टि हो रही है या नहीं।
यह भी बताया जाएगा कि सूचना या संदेश सत्य, गलत, भ्रामक, विवादित या जांच के दायरे से बाहर है।
जांच सेंटर फोटो, वीडियो लिंक और अंग्रेजी तथा चार क्षेत्रीय भाषाओं हिंदी, तेलुगु, बंगाली व मलयालम में टेक्स्ट मैसेज की पड़ताल कर सकेगा।

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